क्रिया कलाप

   
 

विभागीय योजनाओं का संक्षिप्त विवरण

विभाग द्वारा प्रति वर्ष क्रिया-कलापों के सम्यक संचालन हेतु प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय व्यवस्था की जाती है। विभाग के क्रिया-कलापों के लिए नियोजन विभाग द्वारा परिव्यय कराया जाता है, जिससे निम्नलिखित योजनायें/कार्यक्रम चलाये जाते हैं :-

1- खेलो इण्डिया योजना खेल अवस्थरापना का स्रजन के अंतर्गत प्रदेश में १९ स्थानों पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है

2- ग्रामीण स्टेडियम की स्थापना-
खेलकूद को बढ़ावा देने, ग्रामीण खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को विकसित करने, खेल की नई तकनीकी जानकारी देने एवं नियमित अभ्यास हेतु प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित नीति के अनुसार 3 एकड़ भूमि नि:शुल्क उपलब्ध होने पर प्रत्येक विकास खण्ड में ग्रमीण स्टेडियम का निर्माण शासनादेश संख्या-334, दिनांक-04 मई,1995, शासनादेश संख्या-2381, दिनांक-21 सितम्बर,1998, शासनादेश संख्या-1160, दिनांक-30 सितम्बर,2003, शासनादेश संख्या-1412, दिनांक-29 जून,2006 एवं शासनादेश संख्या-971, दिनांक-12 जून,2011 के क्रम में कराया जाना था, जिसके क्रम में 70 ग्रामीण स्टेडियमों का निर्माण कराया गया है। जिनकी सूची नीचे अंकित है -
स्टेडियम में निम्नलिखित सुविधायें हैं:-

1- इन्ट्रेन्स/पवेलियन, 2- स्टोर/इक्यूपमेन्ट रूम, 3- आफिस सुपरिन्टेन्डेन्ट कक्ष, 4- मल्टी परपज हाल, 5- पब्लिक टॉयलेट, 6- बाउन्ड्रीवाल। यह योजना शासनादेश संख्या-10-४ -35-आ-1-2011-97 दिनांक 31 अक्टूबर, 2011 द्वारा बन्द कर दी गईं है।

3- व्यायामशालाओं की स्थापना-
युवा वर्ग के शारीरिक संवंर्धन हेतु ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यायामशालाओं की स्थापना की जाती है, जिसमें भारतीय व्यायाम, आसन एवं जिम्नास्टिक का नियमित अभ्यास कराया जाता है, जिसके लिए विभाग में वैतनिक व्यायाम प्रशिक्षक कार्यरत है। एक व्यायामशाला में निम्नलिखित सुविधायें होती है :-

1- इन्चार्ज रूम, 2- इक्यूपमेन्ट रूम, 3- लाबी, 4- टॉयलेट, 5- बाउण्ड्री एवं इन्टरेन्स गेट।

शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार वर्तमान में रू० 3.62 लाख की धनराशि से निर्माण कार्य तथा रू० 0.50 लाख की धनराशि से उपकरणों की व्यवस्था तथा रू० 0.29 लाख की धनराशि से अवैतनिक कोच एवं सुरक्षा हेतु स्वयं सेवकों के ड्यूटी भत्ता को सम्मिलित करते हुए कुल-4.41 लाख की धनराशि व्यय करने का प्राविधान है।

वर्तमान में प्रदेश में कुल 168 व्यायामशालायें स्थापित हैं, जिन्हें ग्राम पंचायतों को हस्तानान्तरित किया जा चुका है।और यह योजना वर्तमान 'शासनादेश संख्या-449 दिदनांक-22.03.2007 द्वारा बन्द कर दी गयी है।

4- युवक/महिला मंगल दलों को प्रोत्साहन-
प्रत्येक ग्राम पंचायत में युवक मंगल दल तथा महिला मंगल दल का गठन किया जाता है। इस दल में युवाओं की आयु सीमा 15 से 35 वर्ष के मध्य होती है। गठित दलों का पंजीकरण सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के अन्तर्गत कराया जाता है तथा दलों द्वारा सामाजिक कार्यों तथा ग्रामीण खेलकूद, वृक्षारोपण, परिवार कल्याण, अल्प बचत योजना, वृद्धा एवं विधवाओं को पेन्शन दिलाने में योगदान, दहेज प्रथा उन्मूलन, अन्तर्जातीय एवं विधवाविवाह, प्रौढ़ शिक्षा, श्रमदान कार्य एवं आर्थिक कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित करने पर अग्रणी युवक/महिला मंगल दलों को प्रोत्साहन स्वरुप खेल सामग्री दी जाती है

5- प्रान्तीय रक्षक दल के जवानों को वर्दी, प्रशिक्षण एवं मानदेय-
प्रान्तीय रक्षक दल को विकास कार्यों से सम्बद्ध किया गया, जिसके फलस्वरूप प्रान्तीय रक्षक दल में विकास खण्ड स्तर पर ब्लाक कमाण्डर, न्याय पंचायत स्तर पर हल्का सरदार, ग्राम सभा स्तर पर दलपति, टोलीनायक एवं रक्षक का वर्दीधारी संगठन हैं, जिसे समय-समय पर वर्दी देकर प्रशिक्षित किया जाता है, ताकि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था समाज सेवा, दैवी आपदा में बचाव कार्य में लगाया जा सके।

प्रदेश विकास दल के प्रशिक्षित जवानों को शान्ति सुरक्षा व्यवस्था एवं विभिन्न संस्थाओं में ड्यूटी पर लगाया जाता है, जिसके लिए उन्हें रू० 375/-  ड्यूटी भत्ता के रूप में दिया जाता है।

6- युवा केन्द्र की स्थापना-
प्रदेश की युवा शक्ति को रचनात्मक कार्यों में लगाने, युवा कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग संचालित करने, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं खेलकूद को बढ़ावा देने तथा युवा कल्याण से सम्बद्ध स्वैच्छिक संस्थाओं की प्रदेश में आर्थिक, सामाजिक विकास में भागीदारी सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासनादेश संख्या-595, दिनांक- 31-03-1989 तथा शासनादेश संख्या-695, दिनांक- 27-04-1989 के अनुक्रम में प्रदेश के जनपद-अलीगढ्, मथुरा, बरेली, मुरादाबाद, इटावा, कानपुर'नगर, इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, फैजाबाद, गाजियाबाद, फिरोजाबाद, महोबा एवं लखनउ में कुल 14 युवा केन्द्रों का निर्माण कराया गया है। तथा इन्हें साज-सज्जा भी उपलब्ध करायी जा चुकी है। इनका सदुपयोग किया जा रहा है।

7- खेल अवस्थापना का सृजन-
भारत सरकार की योजना खेल अवस्थापना के सृजन के अन्तर्गत आउटडोर/इन्डोर खेल सुविधाओं हेतु अनुदान दिया जाता था। दिनांक 01 अप्रैल, 2005 से यह योजना प्रदेश सरकारों को हस्तांतरित कर दी गयी है।
इसी योजना के तहत पूर्व से उ०प्र० में हण्डिया, बारा, कोरांव एवं करछना जनपद-इलाहाबाद, दुजाना-जनपद गौतमबुद्धनगर चिल्लूपुर जनपद-आजमगढ़, गुढ़ा जनपद-ललितपुर, पहाड़गांव जनपद-जालौन, पंजोखरा जनपद-मुजफ्फरनगर, सरसेना-जनपद मऊ निहस्था जनपद-रायबरेली में कुल 11 स्थानों पर इन्डोर, स्टेडियम निर्मित होकर विभाग को हस्तान्तरित हो गये है। जिनमें खेलों की गतिविधियां संचालित हैंा

8- युवा छात्रावासों की स्थापना-
भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार की सम्मिलित योजना के अन्तर्गत युवाओं के आवास के लिए छात्रावासों का निर्माण कराया जाता है, जिसके लिए प्रदेश सरकार तथा भारत सरकार द्वारा निम्न प्रकार की व्यवस्थायें की जाती है। यह योजना वर्तमान में भारत सरकार द्वारा बन्द कर दी गयी है।

(1) निर्माण कार्य के लिए अनुमोदित आगणन के अनुसार धनराशि उपलब्ध कराना।
(2) साज सज्जा हेतु धनराशि उपलब्ध कराना।
(3) वार्डेन/सहायक वार्डेन की नियुक्ति करना तथा मानदेय हेतु धनराशि उपलब्ध कराना।

9- प्रदेश सरकार की व्यवस्थाये -
(1) डेढ़ से दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराना।
(2) विद्युत, जलापूर्ति, समपर्क मार्ग आदि विकास कार्यों हेतु धनराशि उपलब्ध कराना।
(3) युवा छात्रावासों के संचालन हेतु जिला स्तर पर गठित समिति से समन्वय करना तथा त्रैमासिक प्रगति प्राप्त कर भारत सरकार को उपलब्ध कराना।

प्रदेश के जनपद आगरा में युवा छात्रावास पूर्णतया संचालित है तथा लखनऊ में युवा छात्रावास के निर्माण के उपरान्त उसे विधिवत संचालित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है

10- राष्ट्रीय युवा पुरूस्कार-
प्रतिवर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा उत्सव के अवसर पर भारत सरकार द्वारा व्यक्तिगत पुरूस्कार रू०-10,000/- तथा संस्थागत पुरूस्कार रू०-1.00 लाख का दिया जाता है, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा जनपद स्तर, राज्य स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। गठित समितियों से प्राप्त संस्तुतियों के आधार पर भारत सरकार के स्तर पर गठित समिति के निर्णय के अनुसार दिया जाता है।

11- राष्ट्रीय युवा उत्सव-
प्रतिवर्ष दिनांक 12 से 16 जनवरी तक राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन भारत सरकार द्वारा विभिन्न प्रदेशों में किया जाता है। जिसमें 18 विधाओं में प्रतियोगी तथा 02 परम्परागत कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। 23वा राष्ट्रीय युवा उत्सव 2020 लखनऊ उत्तर प्रदेश  में आयोजित हो रहा है

 

12-राष्ट निर्माण एवं सामाजिक कार्यक्रमों में युवाओ के योगदान हेतु कार्यक्रमों का कार्यान्वयन  

       ग्रामीण युवाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रति अभिरूचि उत्पन्न कर प्रदेश की परम्परागत लोक सांस्कृतियों की प्रस्तुति कराये जाने के क्रम में जनपद स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रतियोगिताएं तथा मण्डल स्तरीय सांस्क़तिक कार्यक्रमों की चयन प्रतियोगितायें आयोजित करायी जाती है। इसके अतिरिक्त युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील बनाने,उनका सर्वांगीण विकास करने,उनके अन्दर नेतृत्व के गुणों का विकास करने,सामाजिक दायित्वों का बोध कराने तथा शासन द्वारा जनपदों में चलायी जा रही विकास योजनाओं के संबंध में जनपद स्तर पर 03 दिवसीय एवं राज्य स्तर पर 05 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाता है। इस वर्ष हेतु निर्धारित गाइड लाइन देखी जा सकती है।

      

13-  जनजागरूकता कार्यक्रम

        भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार की ग्राम विकास हेतु जनपदों में चलायी जा रही विकास योजनाओं के संबंध में जानकारी कराने हेतु साईकिल रैली,प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

14-ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता

      इसके अन्तर्गत समस्त जनपदों में सभी आयुवर्ग के खिलाडियों की एथलेटिक्स, वालीबांल, कबडडी, भारोत्तोलन एवं कुश्ती की विधाओं में प्रतियोगितायें आयोजित की जाती है।

15- खेलो इण्डिया योजना

   इस सम्बन्ध में विस्तृत विवरण मुख्य पृष्ठ के बटन से देखा जा सकता है।

16-श्री मेघबरन सिंह स्टेडियम करमपुर सैदपुर गाजीपुर-

    भारत सरकार और प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वाधन में भारत सरकार द्वारा रू 500.00 लाख एवं प्रदेश सरकार द्वारा रू 120.95 लाख अस प्रकार कुल 620.95 लाख की धनराशि से श्री मेघबरन सिंह स्टेडियम करमपुर सैदपुर गाजीपुर में हाकी एस्‍‍ट्रोटर्फ लगाये जाने की कार्यवाही की गयी है । प्रदेश सरकार द्वारा इसे  खेल विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है

 

विभाग के प्रमुख स्तम्भ एवं परिसंपत्तियां

1.युवक एवं महिला मंगल दल

२. प्रांतीय रक्षक दल के जवान (जनपदवार)

३.विभाग में निर्मित एवं निर्माणाधीन ग्रामीण स्टेडियम

4.भारत सरकार की खेलो इंडिया योजना अंतर्गत निर्माणाधीन खेल अवसंरचना

5.विभाग में निर्मित युवा केंद्र एवं विभागीय भवन

6. विभाग में पूर्व में स्थापित शहरी व्यायामशाला

 

 

 

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